HINDI SHAYARI

ज़ख़्म देने का अंदाज़ कुछ ऐसा है;
ज़ख़्म देकर पूछते हैं कि हाल कैसा है;
किसी एक से गिला अब क्या करें हम;
यहाँ तो सारी दुनिया का मिज़ाज़ एक जैसा है।




रह ना पाओगे भुला कर देख लो;
यकीन ना आये तो आज़मा कर देख लो;
हर जगह होगी महसूस कमी हमारी;
चाहे तो अपनी महफ़िल कभी सज़ा कर देख लो।




ऐसा जगाया आपने कि अब तक ना सो सके;
यूँ रुलाया आपने कि महफ़िल में हम ना रो सके;
ना जाने क्या बात है आप में सनम;
माना है जबसे तुम्हें अपना किसी के ना हम हो सके।